प्यासी नौकरानी हीरी – भाग 6

प्यासी नौकरानी हीरी - भाग 6

प्यासी नौकरानी हीरी - भाग 6

राजन कार चला रहा था, हिरी और जानकी उसके साथ बैठी थी। वे बहुत उत्सुक थी , वे वहाँ नया घर देखने जा रहे थे। जानकी गहरे लाल रंग की स्कर्ट में बहुत सुंदर लग रही थी l  वह अठारह की थी लेकिन पंद्रह की लगती थी l राजन ने उसके स्तन और नितंबों को देखा तो  वह बहुत खुश हुआ। उसका शरीर बहुत अच्छे से विकसित हुआ था। वह उसे देखकर वह बेचैन हो रहा था। उसकी कुंवारी योनि के ख्याल उसे  पागल कर रहे थे । लेकिन वह चुपचाप गाड़ी चला रहा था। उसने अपनी भावनाओं को बखूबी छिपा लिया। हीरी और जानकी उसके विचारों से पूरी तरह अनजान थीं ।राजन ने कई युवा लड़कियों के साथ यौन संबंध बनाए थे, लेकिन यह पहली बार था जब वह जानकी की कुंवारी योनि के साथ यौन संबंध बना रहा था।

कभी-कभी कार के शीशे में उनकी आंखें मिलती और वह मुस्कुराती l  राजन को यकीन होने लगा कि  वह वास्तव में खुश थी और उसे पसंद करने लगी थी।

राजन ने एक घर के सामने कार रोकी। एक आदमी वहां उनका इंतजार कर रहा था, उसने दरवाजा खोला और राजन को चाबियां दीं l  वे अंदर चले गए। घर इतना बड़ा नहीं था, यह दो बेडरूम का अपार्टमेंट था, अच्छा लिविंग रूम और किचन था। यह दो या तीन लोगों के लिए अच्छा था। हर जरूरी सामान वहां था l 

वे घर में इधर-उधर घूमने लगे। कुछ देर बाद राजन ने जानकी से पूछा, “प्रिय, तुम्हें यह घर पसंद है या मैं तुम्हारे लिए कोई दूसरा घर ढूंढूं?” वह घर जानकी की सोच से कहीं बेहतर था। उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि राजन उनके लिए इतना खूबसूरत घर खरीदेगा। जानकी ने धीरे से कहा, “सर, हमारे लिए इतना महंगा घर खरीदने की कोई ज़रूरत नहीं है। हम सस्ते घर में भी रह सकते हैं।” 

राजन मुस्कुराया और बोला, “जानकी, तुम मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हो। मैं तुम्हारे लिए कुछ भी खरीद सकता हूँ। तुम और हीरी अगले हफ्ते यहाँ आ सकते हो। मैं कुछ दिनों में कागज़ात तैयार कर लूँगा। ये घर की चाबियां रख लो।” चाबियां लेते समय जानकी के हाथ कांप रहे थे। वह बहुत उत्साहित थी।

फिर हीरी ने हाथ से जानकी को इशारा किया। “सर, मुझे कुछ कहना है,” जानकी शर्माते हुए बोली।

 “जी जानकी,” राजन ने विनम्रता से कहा। 

“सर, मैं माफी मांगना चाहती हूं। मैंने आपसे कुछ बार ठीक से बात नहीं की। लेकिन अब आप मेरे लिए खास हैं। मुझे आपसे शादी करके बहुत खुशी हो रही है।”

राजन ने उसके हाथ पकड़कर कहा, “पुरानी बातें भूल जाओ। हम जल्द ही एक साथ नई जिंदगी शुरू करेंगे।”

राजन की योजना बहुत अच्छी तरह से काम कर रही थी। हर दिन वह अपनी मनचाही प्रेमिका के करीब पहुँच रहा था। वह जानकी का दिल जीतने में कामयाब हो गया था। अब वह उसके वश में थी। उसे बस अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए सही जगह और समय का इंतजार था।

हीरी राजन के साथ वापस आ गई, लेकिन जानकी अपने घर चली गई। हीरी राजन की मदद करना चाहती थी। दरअसल, वह खुश थी और राजन को अपनी योनि देना चाहती थी। राजन ने हमेशा की तरह उसकी योनि में अपना वीर्य भर दिया। राजन अपनी योजना जारी रखना चाहता था। उसने हीरी से कहा, “हीरी, कल मैं शादी के लिए होटल चुनने जा रहा हूँ, मैं चाहता हूँ कि तुम मेरे साथ आओ।” 

हीरी ने कहा, “नहीं सर, मुझे इन सब चीजों के बारे में कुछ नहीं पता। बेहतर होगा कि आप जानकी को अपने साथ ले जाएं। आप उससे और बात भी कर सकते हैं।”

राजन यही चाहता था। उसने विनम्रता से कहा, “ठीक है, हीरी, जानकी को दोपहर बाद भेज देना। मैं उसे अपने साथ ले जाऊँगा।”

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