नादानी में किया प्यार
नेहा एक होनहार और संवेदनशील लड़की थी, जो अपने कॉलेज के दिनों में नए अनुभवों की तलाश में थी। उसे दोस्ती और प्यार की दुनिया में कदम रखने का बड़ा उत्साह था। उसने अपने एक खास दोस्त, संजु , पर भरोसा किया, जो हमेशा उसके करीब था।
एक दिन संजु ने नेहा को अपनी भावनाएँ जताई और दोनों के बीच दोस्ती का रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया। नेहा ने सोचा कि यह उसके सपनों का प्यार है। एक दिन संजू ने नेहा को अपनी जन्मदिन की पार्टी के बारे में बताया। वह अपने कई सहपाठियों और दोस्तों को बुला रहा था।
उसने नेहा से अनुरोध किया कि अगर वह आ सके तो उसे खुशी होगी। वह उसे अपने माता-पिता से भी मिलवाना चाहता था। नेहा संजू के घर आने से खुश थी।अगले दिन संजू ने नेहा से पूछा कि क्या वह स्कूल के बाद उसके घर आकर उसकी मदद कर सकती है। वह पार्टी के लिए घर की सफाई करना चाहता था। नेहा मान गई और बिना किसी झिझक के उसके घर चली गई। उन्होंने पार्टी की तैयारी शुरू कर दी। फिर संजू ने नेहा से शावर साफ करने में मदद करने को कहा।
जब नेहा वहां गई, संजू ने शावर खोल दिया। पानी उस पर बहुत तेज़ी से गिरा। उसके कपड़े पूरी तरह भीग गए। उसकी गीली सफेद कमीज से उसके सारे गुप्त अंग दिखने लगे ।नेहा शर्मा गई, लेकिन उसके पास कोई और विकल्प नहीं था। संजू ने उसके कपड़े पूरी तरह गीले कर दिए थे । फिर उसने उसे पकड़कर लिया और उसकी गीली कमीज के बटन खोल कर स्तन नंगे कर दिए। फिर अपनी कमीज उतार दी और उसे गले लगा लिया, उनका गीली शरीर चिपक गया। कुछ ही मिनटों में नेहा ने अपनी कौमार्यता खो दी। यह सिलसिला कुछ घंटों तक चला।
उसके बाद संजु ने उसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। उसे उससे जो चाहिए था, वह मिल गया था ।
नेहा वह भूलना चाहती थी। वह खुद को दोषी समझने लगी और अपने आप से सवाल करने लगी कि क्या वह सही फैसला था। धीरे-धीरे नेहा ने महसूस किया कि प्यार में समझदारी और अपनी मर्यादा का सम्मान सबसे ज़रूरी होता है।