जब दोस्ती बनी चुनौती: साक्षी की कहानी

जब दोस्ती बनी चुनौती: साक्षी की कहानी

जब दोस्ती बनी चुनौती

साक्षी एक होशियार और आत्मनिर्भर युवती थी, जो एक नए शहर में कॉलेज के लिए आई थी। वहाँ उसने कुछ नए दोस्त बनाए और जीवन के नए अनुभवों को अपनाने लगी। नए माहौल में होने की वजह से वह कभी-कभी अकेलापन महसूस करती थी, इसलिए उसने लोगों से जुड़ने की कोशिश की।

साक्षी का एक खास दोस्त, अमित, उसके बहुत करीब आ गया। अमित ने उसे समझने और साथ देने का वादा किया। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदलने लगी। लेकिन साक्षी पूरी तरह से तैयार नहीं थी। अमित की बातें और व्यवहार ने उसे भ्रमित कर दिया। एक दिन, अमित ने दबाव डालकर साक्षी को एक ऐसी स्थिति में ले गया, जहाँ उसने अपनी मर्यादा और सहजता खो दी।

एक शाम अमित साक्षी को पार्टी में ले गया। कुछ बातचीत के बाद उन्होंने शराब चखने का फैसला किया। साक्षी ने इससे पहले कभी शराब नहीं पी थी। पहले तो उसने मना किया, लेकिन जब दूसरे लड़कों ने उस पर मजाक करना शुरू किया तो उसने आखिरकार शराब चखने का फैसला कर लिया। लड़के नशे में थे और गा रहे थे। बात करते-करते वह नशे में धुत हो गई। शाम बहुत जल्दी बीत गई। 

रात को जब वह एक बड़े से बिस्तर पर जाग उठी, तो वह चार नग्न लड़कों के बीच पूरी तरह नग्न थी। उसके बिस्तर के पास वाली मेज पर उसकी अंडरवियर पड़ी थी। ऐसा लग रहा था कि किसी ने उसकी अंडरवियर खींचकर फेंक दी हो। ब्रा फर्श पर पड़ी थी। उसे नहीं पता था कि उन्होंने कितनी बार उसका इस्तेमाल किया । उसकी योनि पूरी तरह से मुंडी हुई थी। वह गाढ़े शुक्राणुओं से भरी हुई थी। उसके स्तनों और शरीर पर चुंबन के कई निशान थे। उसने घड़ी देखी। बारह बजने ही वाले थे। वह समझ गई कि कुछ ही मिनटों के बाद  उसे फिर से एक नया जीवन की शुरुआत करनी होगी।

उसकी एक गलती ने उसकी जिंदगी बदल दी।

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