इमरान और आरजू की तीखी बातचीत - भाग 13
इमरान अपने कमरे में आया और कपड़े बदलने लगा। वह सोच रहा था कि क्या यह वह बड़ा फैसला था जो उसे लेना था। उसने सलमा का हाथ पकड़ा और उससे कहा कि वह उस पर भरोसा कर सकती है। उसने ने आरज़ू के साथ उसकी बातें सुनीं थी । उसने कहा था कि अगर उसे कोई भरोसेमंद मिल जाए तो वह सेक्स के लिए तैयार है। लेकिन सलमा ने अभी तक किसी भी रिश्ते के लिए वादा नहीं किया था। उसे बिस्तर पर लाने के लिए उसे बहुत कुछ और करना होगा।
तभी आरज़ू आई और पूछा,” भाई, सलमा कहाँ है? वह आपके साथ नहीं आई l”
“रुको मैं कपड़े बदल रहा हूँ l”इमरान चिल्लाया l
“आप नंगे नहीं हैं,आपने अंडरवियर पहना तो है l चिल्ला क्यों रहे हैं?”
“ठीक है, मैं भी तुम्हारे कमरे में आ जाऊँगा जब तुम कपड़े बदलोगी l”
“नहीं,नहीं मैं लड़की हूँ l“आरज़ू हँसी l
“ठीक है, तो मैं अपना अंडरवियर उतारतने लगा हूँ l लड़का हूँ ,क्या तुम यह भी देखना चाहती हैं?”
“हाँ, मैं चाहती हूँ, आगे बढ़ो,”आरज़ू ने दृढ़ता से कहा l
इमरान चुप हो गया। फिर उसने अपने शरीर को सुखाते हुए कहा, “आरजू, तुम बहुत शरारती होती जा रही हो। यह मत भूलो कि मैं तुम्हारा बड़ा भाई हूँ, लेकिन मैं एक लड़का भी हूँ।”
आरजू हंसते हुए बोली, “तुम भाई से ज्यादा लड़के लगते हो। तुमने मेरी पीठ की मालिश बहुत अच्छी की। अगली बार मालिश कब करोगे, लड़के?”
“अगर तुम अभी बाहर नहीं गई तो मैं तुम्हारी पीठ नहीं, आगे से मालिश करूँगा।”
आरज़ू शर्मा गई और बोली, “तुम मुझसे नाराज़ क्यों हो? मैं तो बस सलमा के बारे में पूछने आई थी। अगर तुम्हें मेरी मदद की ज़रूरत नहीं है तो सलमा को भूल जाओ।”
इमरान ये सब सुनना बिल्कुल नहीं चाहता था। वो बिस्तर पर बैठ गया। “आरजू, मैं तुमसे नाराज़ नहीं हूँ। मैं तो बस बात कर रहा था। अगर तुम मेरी मदद नहीं करोगी तो कौन करेगा? क्या मैंने कभी कहा कि मैं तुम्हारी मदद नहीं करूँगा?”
“ठीक है, तो मैं सलमा को बता दूँगी कि एक लड़का उसे पसंद करता है और उससे बात करना चाहता है।” वह हँसी।
इमरान मुस्कुराया और बोला, “तुम जो चाहो कहो। उसने आज मुझसे ज़्यादा बात नहीं की। मैंने उसे घर आने के लिए कहा था , लेकिन उसने कहा कि उसे पहले अपने घर जाना है। -अब मेरे लिए चाय लाओ। मेरे सिर में दर्द हो रहा है।”
आरजू बाहर चली गई ।