समीर के प्रश्न-नूर सहमत - भाग 8
समीर अपने कमरे में बैठा था। वह आज फिरोज की कही बातों के बारे में सोच रहा था। फिरोज ने बताया था कि लड़कियों को भी लड़कों का लिंग देखना अच्छा लगता है। उन्हें बड़ा और सख्त लिंग पसंद आता है, लेकिन वे शर्माती हैं। वे लड़कों से सीधे-सीधे नहीं कहतीं।
इसका मतलब है कि नूर को भी उसका लिंग देखना पसंद है, इसीलिए वह सुबह उसके अंडरवियर को देख रही थी। लेकिन अगर वह मुझे अपनी नग्न योनि नहीं दिखाएगी तो मैं अपना नंगा लिंग नहीं दिखाऊंगा। मैं बच्चा नहीं हूँ।
“समीर, तुम क्या सोच रहे हो? सब ठीक है ना?” नूर ने कमरे में आते हुए पूछा।
“नूर, अगर कोई लड़की बार-बार मेरे अंडरवियर को देखे तो मुझे क्या करना चाहिए?”
नूर हंसते हुए बोली, “शायद उसे तुम्हारे अंडरवियर का रंग या डिज़ाइन पसंद आया हो। वो किसी के लिए खरीदना चाहती हो।”
“मुझे लगता है वो मेरा लिंग देखना चाहती थी। उसे लगता है मैं बच्चा हूँ, मुझे समझ नहीं आता।”
“ समीर, तुम क्या बात कर रहे हो, कॉलेज में क्या हुआ? क्या किसी लड़की ने तुमसे कुछ कहा? साफ-साफ बताओ।” नूर ने उसके पास बैठते हुए पूछा।
“नहीं, किसी लड़की ने मुझसे कुछ नहीं कहा।” समीर ने थोड़े गुस्से से कहा।
“तो फिर तुम उदास और गुस्से में क्यों हो? तुम इस तरह क्यों बात कर रहे हो?”नूर ने उसका हाथ पकड़ लिया। “बताओ क्या हुआ? तुम मेरे सबसे अच्छे भाई हो।”
“ ठीक है। सुनो, अगर तुम मुझे नग्न देखना चाहती हो, तो मैं भी तुम्हें नग्न देखना चाहता हूँ।”
“नूर मुस्कुराई और पूछा,क्या तुम मुझे नग्न देखना चाहते हो?”
“नहीं, मैंने कहा, अगर तुम मुझे देखना चाहती हो तो l”
“मैं तुम्हें नग्न नहीं देखना चाहती । तुम कपड़ों में बहुत सुंदर दिखते हो।”
“मुझे पता है तुम शर्मा रही हो, मैं सब समझता हूँ। तुम मेरा लिंग देखना चाहती हो।”
“ठीक है, अगर मैं तुम्हें नग्न देखना चाहूँ तो मैं तुम्हें बता दूँगी । बिना किसी झिझक के। अब खुश हो?”
“ठीक है नूर, मैं समझ गया।”