योनि की दूसरी झलक – भाग 3

योनि की दूसरी झलक - भाग 3

शाम का समय था। समीर अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। नूर उसके पास आई और बोली, “समीर, तुम क्या पढ़ रहे हो?”

“मैं इस प्रश्न को हल करने की कोशिश कर रही हूँ। क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो?” समीर ज़मीन पर बैठा था। नूर उसके सामने पैर के बल बैठ गई और उसकी किताब देखने लगी। समीर की नज़र नूर के सफेद अंडरवियर पर पड़ी। वह उसे नूर की टांगों के बीच साफ देख सकता था। पैर के बल बैठने के कारण नूर की स्कर्ट ऊपर उठी हुई थी। सफेद अंडरवियर पूरी तरह  योनि से भरा हुआ था और उससे चिपका हुआ था। समीर ने अनदेखी करने की कोशिश की और अपनी नज़रें किताब पर टिका दीं। उसका दिल बेचैन होता जा रहा था। उसकी नज़रें बार-बार उसके अंतर्वस्त्र की ओर जा रही थीं।

“देखो समीर, तुम यहाँ गलती कर रहे हो।” नूर ने  कागज पर इशारा करते हुए कहा।

“आह, समीर ने तुरंत कागज पर नज़र डाली। नूर ने देखा कि वह कुछ छुपाने की कोशिश कर रहा है। नूर ने फिर पूछा, “क्या तुम्हें कहीं और मेरी मदद चाहिए?”

“ हां हां,” समीर ने बिना ज्यादा सोचे समझे कहा। उसने अपनी किताब नूर के सामने खिसका दी। नूर ने गौर किया कि सवाल इतना आसान था कि उसे उसकी मदद की ज़रूरत नहीं थी। उसने चुपके से उसकी तरफ देखा। वह उसकी अंडरवियर को देख रहा था। नूर मुस्कुराई और शरमाते हुए खड़ी हो गई। उसने अपनी स्कर्ट ठीक की और बोली, “मुझे लगता है कि इस सवाल को तुम्हें खुद हल करने की कोशिश करनी चाहिए। मैं बाद में तुम्हारी मदद कर दूंगी।” वह चली गई। इस बार उसका दिल तेजी से धड़क रहा था। समीर की नज़रे  उसे  बेचैन करने  लगी थी । समीर उसे दोबारा टाइट अंडरवियर में देखकर खुश था।

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