कामुकता और प्रेम की छोटी कहानियाँ

कामुकता और प्रेम की छोटी कहानियाँ

इस पेज पर आप पाएंगे कामुकता, सेक्स, संबंध और प्रेम से जुड़ी छोटी-छोटी कहानियाँ। ये कहानियाँ भावनाओं और संवेदनाओं की गहराई को छूती हैं, जो आपकी कल्पना और अनुभव को नया रूप देंगी। प्रेम और कामुकता के विविध रंगों को समझने और महसूस करने के लिए इन कहानियों का आनंद लें।

कामुकता और प्रेम की छोटी कहानियाँ

अनजानी मुलाकात का असर

सुबह का समय था, और रिमित अपने कार्यालय की ओर तेज़ कदमों से बढ़ रहा था। उसे पता था कि आज उसका बॉस उसके पंद्रह मिनट की देरी पर नाराज़ होगा। दिल में बेचैनी और तनाव के बीच, वह लिफ्ट में दाखिल हुआ। लिफ्ट पूरी तरह खाली थी।

उसने गहरी सांस ली और मंजिल का बटन दबाया। जैसे ही लिफ्ट पांचवीं मंजिल पर पहुँची, वह जल्दी से बाहर निकला। उसी समय, एक जवान लड़की लिफ्ट में प्रवेश कर रही थी। रिमित की नज़र अनजाने में लड़की पर पड़ी और उसका हाथ  गलती से उसके स्तनों को छू लिया। तुरंत उसने माफी मांगी और आगे बढ़ने लगा।

लेकिन लड़की ने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरे स्तन बहुत नरम हैं। अगर आप छूना चाहते हैं, तो कृपया धीरे से छूएं।”

उसकी बात सुनकर रिमित ठिठक गया, पलटा और देखा। तभी लिफ्ट के दरवाज़े बंद हो गए और वह चलने लगी। एक हल्की मुस्कान उसके चेहरे पर आई और उसने फुसफुसाया, “मैंने उसका चेहरा ठीक से क्यों नहीं देखा?”

उस पल का असर पूरे दिन उसके मन में गूंजता रहा, जिसने उसके तनाव को कुछ पल के लिए भुला दिया।

भाभी का इत्र

संजू, “मुझे तुम्हें कुछ बताना है।” उसका बड़ा भाई उसके कमरे में आया और बोला, 

“हाँ भाई बताओ।”

“ संजू, मुझे पता था कि तुम्हें परफ्यूम लगाना पसंद है। कभी-कभी तुम मेरा और अपनी भाभी का परफ्यूम लगाते हो। कोई बात नहीं । लेकिन इस परफ्यूम को देखो, यह सामान्य नहीं है। इसका प्रयोग मत करना । अगर इसका सही तरीके से प्रयोग न किया जाए तो यह लोगों को पागल बना सकता है।” उन्होंने उसे छोटी इत्र की शीशी दिखाते हुए कहा। वास्तव में, उस इत्र में कुछ भी विशेष नहीं था। उसके भाई ने उसे सिर्फ अपनी पत्नी के लिए खरीदा था। वह नहीं चाहता था कि कोई और उसका उपयोग करे। संजू को अपने भाई पर भरोसा था और उसने इसका इस्तेमाल न करने का फैसला किया। भाभी नीलू ने सब कुछ सुना। वह मुस्कुराई और चुप रही।

एक दोपहर नीलू अपने कमरे में बैठी थी। उसने देखा कि संजू तौलिया में नहा कर बाहर आ रहा था। वह अठारह साल का जवान लड़का था। नीलू ने कई बार संजू के उभरते हुए अंडरवियर को देखा था । कभी-कभी वह उसके लिंग का स्वाद लेना चाहती थी, लेकिन उसे उससे संभोग करने का कोई कारण नहीं मिल रहा था। लेकिन आज उसने एक योजना के साथ उससे चुदने का फैसला किया 

“संजू इधर आओ।” वह चिल्लाई। 

संजू थोड़ा डर के साथ उसके कमरे में आया। “हाँ भाभी।” 

“मुझे पता है कि तुम क्या करते  हो ? तुम हस्तमैथुन कर रहे  हो। अपना तौलिया हटाओ। मैं तुम्हारा लिंग देखना चाहती  हूँ।” संजू यह सुनकर दंग रह गया, वह चुपचाप खड़ा रहा। नीलू ने उसका तौलिया छीन लिया और उसका लिंग अपने हाथ में ले लिया। फिर उसने उसे चाटना शुरू कर दिया। जब यह कठोर हो गया तो उसने उसे अपनी चूत चोदने के लिए कहा। संजू ने उसे उसकी इच्छानुसार चोदा।कुछ देर चुदाई के बाद उसने कहा, “संजू मुझे माफ़ करना, मैंने वो परफ्यूम लगाया और पागल हो गई, कृपया अपने भाई को मत बताना , ये परफ्यूम खतरनाक है l ” 

संजू मुस्कुराया और बोला “ठीक है भाभी जी, मैं समझ गया l”

कहानी का प्रभाव

सुबह की हल्की धूप बगीचे के शांत कोने में फैल रही थी, और वीरू अपनी किताब में डूबा था। वह एक ऐसी कहानी पढ़ रहा था, जिसमें एक लड़का अपनी सहपाठी से धीरे-धीरे प्यार करने लगता है। कहानी की शुरुआत एक लाइब्रेरी से हुई , जहाँ वह एक दोपहर बैठा था। अचानक, वही लड़की लाइब्रेरी में आई और उसके पास आकर बैठ गई। उनकी आँखें धीरे-धीरे मिलने लगीं।जब  लड़की को लगा वह  रुचि दिखा रहा है

उसने  अपनी सेक्सी  हरकतों से उसे आकर्षित करने की कोशिश की—अपने शरीर को हल्के-हल्के हिलाना, स्तनों को थोड़ा और उजागर करना, और होंठों को एक अनोखे अंदाज में घुमाना। लेकिन लड़के  की दिलचस्पी सिर्फ शारीरिक आकर्षण में नहीं थी; उसे प्यार, समझदारी और मीठी बातों का एहसास चाहिए था। उसे लगा कि लड़की केवल सेक्स के लिए ही सभ कर रही है, जबकि वह उससे कहीं ज्यादा गहराई चाहता था।

कहानी पढ़ते- पढ़ते, वीरू अपने ही सहपाठी के बारे में सोचने लगा, जिसे वह दिल से पसंद करता था। उसने मन ही मन सोचा, “अगर वह भी ऐसा ही व्यवहार करेगी तो वह निश्चित रूप से उसे  चोदेगा। उसका शरीर प्रतिक्रिया करने लगेगा। वह अपने जज़्बातों में खो गया।

तभी, अचानक एक हल्की आवाज ने उसे हिला दिया—”हेल्लो।” उसने सिर उठाया और देखा कि एक जवान लड़की गुलाबी खूबसूरत फ्रॉक में मुस्कुराते हुए उसके सामने खड़ी थी। वह उसकी वही सहपाठी थी, जो बिल्कुल उस कहानी की लड़की जैसी ही लग रही थी।

वीरू आश्चर्य से खड़ा हो गया। कहानी के विषय में खोया हुआ, वह उसके स्तनों और होठों को देखने लगा।  नजरें उसके स्तनों और फिर उसके होठों पर ठहर गईं। लड़की ने उसकी निगाहें महसूस की और थोड़ा शर्माते हुए बोली, “मुझे लगा तुम मुझसे बात करना चाहते हो।”

फिर वह धीरे-धीरे चलने लगी, और वीरू बस उसे देखते रह गया l

शाम को बस में

शाम का वक्त था। रागु काम से वापस लौट रहा था, बस काफी भीड़-भाड़ वाली थी। वह सीटों के बीच खड़ा था, सामने दो घंटे की लंबी यात्रा सामने थी। यह सफर उसे आरामदायक नहीं लग रहा था, लेकिन उसके पास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं था।

खड़े-खड़े उसकी नजर पास ही बैठी एक लड़की पर पड़ी। वह लगभग तीस साल की लग रही थी, हेडफोन पहने हुए थी और उसकी आँखें बंद थीं। शायद वह इस शोरगुल भरी बस में संगीत सुनकर खुद को दुनिया से दूर कर रही थी। रागु की नजरें अनजाने में उसके उभरे हुए स्तनों पर टिक गईं। खिड़की से आती हवा उसकी कमीज़ को धीरे-धीरे छू रही थी, जिससे उसकी ब्रा का रूप साफ़ दिखाई दे रहा था।

रागु के लिए यह यात्रा अचानक दिलचस्प हो गई। उसे लगा कि लड़की उसकी पोशाक या उसकी नजरों की परवाह नहीं कर रही थी। वह पूरी तरह से संगीत में खोई हुई थी। मन ही मन रागु ने फुसफुसाया, “वह बहुत मासूम लेकिन सेक्सी लग रही है। ऐसी गर्लफ्रेंड पाना आसान नहीं।”

उस लड़की को देखते हुए समय के गुजरने का एहसास तक नहीं हुआ। बस जब रुकी, यात्री बाहर निकलने लगे। रागु बस में कुछ देर रुकना चाहता था, ताकि वह देख सके कि लड़की किस दिशा में जा रही है। उसे उम्मीद थी कि शायद किसी दिन उनकी वापसी फिर हो।

जब वह बस से बाहर आया, तो उसने देखा कि लड़की बस के बाहर खड़ी थी। उसने धीरे-धीरे उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए उसके पास जाने का फैसला किया। जैसे ही वह उसके पास पहुंचा, लड़की ने अचानक कहा, “रुको, लड़के।”

रागु ठिठक गया, यह उसके लिए बिलकुल अप्रत्याशित था। वह धीरे से बोला, “जी मैडम?”

लड़की ने गंभीर स्वर में कहा, “मुझे पता है कि तुम बस में क्या देख रहे थे। क्या तुम कुछ पैसे खर्च कर सकते हो? हम आज साथ सो सकते हैं।”

रागु इस बात को सुनकर स्तब्ध रह गया। वह बिना कुछ कहे बस को जाते हुए देखने लगा l

चतुर बहू

रात का समय था, रेनू बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसका पति कुछ दिनों के लिए बाहर गया हुआ था। एक छोटी  रोमांटिक फिल्म देखने के बाद वह पानी पीने के लिए अपने कमरे से बाहर आई। उसने अपने ससुर के कमरे की और  देखा, वहाँ अभी भी थोड़ी रोशनी थी। वह थोड़ा हैरान हुई। आमतौर पर वह जल्दी सो जाते थे ।उसने चुपके से खिड़की से अंदर देखा। उसका ससुर बिस्तर पर नंगा लेटा हुआ था। वह अपने लिंग को हाथ से सहला रहा था। टीवी पर सेक्सी फिल्म चल रही थी। रेनू उसके बड़े लिंग से प्रभावित हुई। उसकी योनि ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। उसने पानी पिया और अपने कमरे में वापस आ गई। बड़े लिंग की झलक उसके दिमाग में घूम रही थी।

“मैं उस लिंग को अपनी योनि में कैसे डाल सकती हूँ।” वह फुसफुसाई। फिर उसे एक अजीब विचार सूझा। उसने अपने ससुर को फोन पर संदेश भेजने का निर्णय लिया। जब उसके ससुर ने वह संदेश पढ़ा, तो वह दंग रह गए। वहाँ लिखा था, “प्रिय, मैं आपकी पत्नी बोल रही हूँ। मुझे पता है कि आप मुझे बहुत याद कर रहे हैं। आप जानते हैं कि मैं भी इतनी जल्दी मरना नहीं चाहती थी। लेकिन अब मैं आपकी स्थिति को सहन नहीं कर सकती। मेरी आत्मा आज रात रेनू में प्रवेश कर गई है । मुझे आपका लिंग और प्यार चाहिए। बिना किसी डर के रेनू के कमरे में जाओ। मैं नंगी हूँ और तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ।” कुछ देर तक वह रेणु के बारे में सोचता रहा। उसने कभी उससे संभोग करने के बारे में नहीं सोचा था। लेकिन उसे यह भी विश्वास था कि संदेश नकली नहीं हो सकता। उसने फिर से पढ़ा। अंत में उसने रेणु के कमरे में जाने का फैसला किया। उसने खिड़की से देखा। रेणु पूरी तरह से नग्न थी। उसकी टांगें खुली थीं। ऐसा लग रहा था कि वह लिंग का इंतजार कर रही थी। वह अंदर गया और उसे चूमा, वे सुबह तक चुदाई करते रहे। रेणु बहुत खुश थी कि उसे वह मिल गया जो वह चाहती थी।

राजन की कहानी

पायल अपने कमरे में बैठी थी। किसी ने दरवाजा खटखटाया। वह बाहर गई। वहां एक डाकिया पैकेट लेकर खड़ा था। “मैडम, यह राजन के लिए है।”

“ठीक है। लेकिन राजन स्कूल में है। मैं उसकी भाभी हूँ। क्या मुझे यह पैकेज मिल सकता है?” 

“हां , मैं तुम्हें दे सकता हूँ।” पायल ने पैकेज लिया और अंदर आ गई। यह बड़ा नहीं था, लेकिन बाहर कुछ भी नहीं लिखा था। वह हैरान थी की  राजन चुपके से क्या खरीद रहा था । उसने इसे गुप्त रूप से खोलने का फैसला किया। उसने सोचा कि वह इसे फिर से सावधानी से बंद कर देगी। जब उसने पैकेज खोला ,वह देखकर दंग रह गई। वहाँ दो सिलिकॉन चूत थी। एक भूरी थी और दूसरी गोरी। वह हँसी और पैकेज को फिर से सावधानी से बंद कर दिया। 

“तो देवर जी  को अब चूत की जरूरत है।” उसने फुसफुसाते हुए कहा। दोपहर बाद जब राजन घर आया तो पायल ने उसे पैकेट दिया और पूछा, “राजन, इसके अंदर क्या है? इस पर कुछ नहीं लिखा।”

“ भाभी, मैंने कुछ स्कूल की चीजें ऑनलाइन ऑर्डर की थी ।”

“ आह ठीक है, क्या मैं देख सकती हूँ , आपने क्या खरीदा।”

 राजन पीला पड़ गया है। “भाभी, मैं आपको बाद में दिखाऊँगा ।”

“ डरो मत, मैं किसी को नहीं बताऊँगी, मैं वादा करती हूँ।”

“ तो फिर भाभी, आप खुद ही देख लीजिए। मैं आपको  नहीं दिखा सकता। मुझे पता है कि आपको पसंद नहीं आएगा, लेकिन मेरी उम्र के लड़कों को इसकी जरूरत होती है।”

पायल मुस्कुराई और बोली,” मैं देखना चाहती हूं कि तुम्हें क्या चाहिए l मैंने वादा किया न  कि मैं किसी को नहीं बताऊंगी, अब इसे मेरे सामने खोलो l” राजन ने कांपते हाथों से पैकेट खोलना शुरू किया। पायल मन ही मन मुस्कुरा रही थी। उसने पैकेट खोला और उसके सामने दो सिलिकॉन चूत रख दी।

“मुझे खेद है भाभीजी, मुझे ये चीजें ऑर्डर नहीं करनी चाहिए था ।”

“हाँ, राजन, ये चीजें तुम्हारे लिए नहीं हैं। तुम अच्छे जवान लड़के हो। जाओ और इन्हें कूड़े में डाल दो।”

 राजन खिलौनों को कूड़े में डालने गया । जब वह वापस आया तो अपनी भाभी को देखकर दंग रह गया। वह बिना सलवार के बिस्तर पर थी।

“ राजन, जब भी तुम्हें जरूरत हो, मेरी चूत का इस्तेमाल कर लेना। यह सिलिकॉन से बेहतर है।” पायल मुस्कुराई।

किसी को नहीं बताओगे

मीना और शालू बगीचे में एक बेंच पर बैठी  थी  और स्कूल के बारे में बात कर रही  थी । तभी उन्होंने पेड़ों के पीछे से कुछ अजीब आवाजें सुनीं। 

“शालू ,वहाँ क्या है? चलो और देखते हैं।” मीना ने उस तरफ देखते हुए कहा। 

“नहीं नहीं मीना। चलो किसी और जगह बैठते हैं।” शालू ने थोड़ा डरते हुए कहा।

“डरो मत। चलो धीरे-धीरे चलते हैं और देखते हैं।” वे चुपचाप एक पेड़ के पास गए और देखने की कोशिश करने लगी । वहाँ दो लड़के थे। उनके  लिंग बाहर थे और  वे हस्तमैथुन कर रहे थे। लड़कियाँ मुस्कुराईं और एक-दूसरे को देखने लगीं।

लड़के पूरे मूड में थे। उनके हाथ उनके लिंग पर तेजी से चल रहे थे। कुछ मिनटों के बाद उनके शुक्राणु उड़ने लगे। जब लड़कों ने अपना चेहरा घुमाया, तो लड़कियां दंग रह गईं, एक शालू का भाई था और दूसरी मीना का। वे वापस आई  और फिर से बेंच पर बैठ गई। 

“शालू लड़कों को चूत की जरूरत है। क्यों नहीं तुम मेरे भाई को चूत दे दो और मैं अपनी चूत तुम्हारे भाई को दे दूं।” मीना मुस्कुराई और बोली l 

 “मुझे तुम्हारा भाई पसंद है लेकिन तुम वादा करो कि तुम किसी को नहीं बताओगे l” 

 “तुम भी किसी को नहीं बताना ,शालू” उन्होंने एक दूसरे से वादा किया और घर से चले गए। कुछ दिनों के बाद जब शालू मीना के भाई से चुदने के लिए तैयार थी , तो उसने कहा, “तुम मुझे चोद सकते हो रोहन लेकिन वादा करो कि  तुम किसी को नहीं बताओगे, मीना के भाई को भी नहीं।” 

“मैंने शालू  वादा किया। मैं किसी को नहीं बताऊंगा।” रोहन ने उसके स्तनों को सहलाते हुए कहा। 

जब मीना अरवीन के घर गई तो उन्होंने एक दूसरे को चूमा और बिस्तर पर चले गए। 

“क्या तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहते हो या सिर्फ बात करना।” 

“अगर तुम सहमत हो तो मुझे चूत चाहिए।” परवीन ने उसके हाथ पकड़ते हुए कहा। 

“हम चुदाई कर सकते हैं लेकिन अगर तुम वादा करो कि तुम किसी को नहीं बताओगे।  शालू के भाई को भी नहीं।” 

परवीन ने हां कहा और उसकी चूत को छूने लगा।