पूनम की रंगीन शाम-एक नया प्रयोग-भाग 13
सोमवार की दोपहर थी। पूनम लाइब्रेरी के आराम कक्ष में अपने चेहरे और बालों को संवार रही थी। उसने अपना काम खत्म किया और बाहर जाने की तैयारी कर रही थी। वह जानती थी कि विजेश बाहर उसका इंतजार कर रहा है। उसने उससे मिलने और उसके घर आने का वादा किया था। आज वह थोड़ी उत्सुक थी। वह विजेश के साथ गुदा मैथुन करने के बारे में सोच रही थी। लेकिन उसका लिंग बहुत बड़ा और मोटा था।
वह उसके लिंग को अपनी योनि में लेना पसंद करती थी । जब उसका मोटा बड़ा लिंग उसकी योनि को सभी दिशाओं से रगड़ता था , तो उसका आनंद अद्भुत होता था। लेकिन आज चीजें अलग थीं। वह जानती थी कि विजेश आज उसके गुदा में लिंग डालना चाहता है। उसने पहले अपने दूसरे दोस्त रोनी के साथ कुछ बार गुदा मैथुन किया था। लेकिन उसका लिंग विजेश के लिंग के आकार का लगभग आधा था। वह इसे बिना किसी दर्द के आसानी से डाल सकती थी।
उसने अपने होठों पर लिपस्टिक लगाई और लाइब्रेरी से बाहर आ गई। विजेश उसका इंतजार कर रहा था, वे उसके घर चले गए। थोड़ी बातचीत और जलपान के बाद विजेश ने कहा।
“मैंने हमारे लिए स्नान कक्ष तैयार कर लिया है। मुझे आशा है कि आपको वह पसंद आएगा।” पूनम को वह पसंद न आने का कोई कारण नहीं था। वह अपने अधूरे यौन सपनों को पूरा करने के लिए ही वहांआई थी।
पूनम ने उसे गले लगाया और उसका लिंग पकड़ा ,धीरे से मालिश की, “आप बहुत रोमांटिक हैं। आज यह कैसा है?”
विजेश मुस्कुराया और बोला,”कई दिनों से यह तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है l इसे तुम्हारी गर्मी पसंद आने लगी है l”
पूनम मुस्कुराई और अपने घुटने पर बैठ गई, उसकी ज़िप खोली और उसका लिंग बाहर निकाल लिया, “वाह, मैं तुमसे प्यार करती हूँ प्रिय।” उसने उसका आधा कठोर लिंग पकड़ लिया और चाटना शुरू कर दिया। जैसे ही उसने उसके लिंग को छुआ, उसकी योनि जलने लगी। गुदा फैलने लगी। कोई नहीं जानता कि पहले कौन स्वाद लेगा। लिंग मुँह में आगे-पीछे हो रहा था और धीरे-धीरे कठोर होता जा रहा था। विजेश चुपचाप खड़ा था और चाटने का आनंद ले रहा था।
फिर पूनम खड़ी हुई और बोली, “तुम्हारे लिंग ने मेरे शरीर में आग लगा दी है, मैं अब अंदर चाहती हूँ।” उसने उसका हाथ पकड़ा और शॉवर की ओर चली गई। उन्होंने तुरंत अपने कपड़े उतार दिए। उनका नग्न शरीर शॉवर के नीचे चिपक गया, पानी उनके शरीर को गीला करने लगा। वह धीरे धीरे लिंग की मालिश करने लगी ।
विजेश उसके नितंब और गुदा पर हाथ फेरने लगा l पूनम अपने गुदा के बारे में अपनी सारी चिंता भूल गई, अब वह उत्सुकता से गुदा में लिंग डालना चाहती थी। “प्रिय मैं तुम्हारा लिंग अंदर चाहती हूं, मैं चाहती हूं कि तुम मेरी तंग गुदा को फाड़ दो, मैं चिल्लाना चाहती हूं।”
विजेश का कठोर लिंग झटके खाने लगा। उसने पूनम को मेज पर झुका दिया और उसके नितंबों को अपने सामने मजबूती से रख लिया ।फिर उसने अपने लिंग को अत्यधिक फिसलने वाले लोशन से नहलाया। पूनम उत्सुकता से उसके लिंग को गुदा के अंदर लेने का इंतजार कर रही थी।
“इसे अंदर धकेलो, प्रिये। जोर से धक्का दो।” विजेश ने ऐसा ही किया, उसने जोर से लिंग को अंदर धकेला। यह गुदा की दीवार को फाड़कर सीधे अंदर चला गया। पूनम जोर से चिल्लाई। लिंग उसकी गुदा में गहराई मे था, विजेश ने अपना लिंग नहीं हिलाया। उसने अपना पूरा लिंग अंदर ही रखा और उसके नितंबों को कठोर मेज की ओर धकेलता रहा। वह अनुभवी आदमी था। वह जानता था कि बड़े लिंग को पूरी तरह से अंदर रखने से गुदा अधिकतम खुल जाती है। कभी-कभी यह उन लड़कियों के लिए बहुत दर्दनाक होता था जिन्हें गुदा मैथुन का ज्यादा अनुभव नहीं होता।
पूनम के साथ भी ऐसा ही हुआ l उसकी की गांड कांपने लगी। यह उसके लिए अधिक असहज और दर्दनाक होता जा रहा था। अब विजेश को उसके दर्द की परवाह नहीं थी। वह बल पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा था। पूनम की कांपती हुई गांड और चीख उसे और अधिक आनंद दे रही थी।
धीरे धीरे पूनम लिंग के दबाव के साथ झड़ने लगी । कठोर लिंग ने उसके नितंबों को कुछ इंच ऊपर उठा दिया था।
“प्रिय मैं ब्रेक चाहती हूँ, मैं आपके बड़े लिंग को अंदर सहन नहीं कर पा रही हूँ।” पूनम चिल्लाई। गुदा का आकार कई गुना बढ़ा हुआ था l विजेश का लिंग पूरी तरह से अंदर था। डालने के बाद उसने एक बार भी उसे बाहर नहीं निकाला। कोई आगे-पीछे की हलचल नहीं l लिंग एक मोटी छड़ी की तरह था जो लगातार उसकी गुदा को खोल रहा था l
“ प्रिय। मेरा वीर्य निकल रहा है।” विजेश चिल्लाया, उसने और जोर से अंदर धक्का दिया और वीर्य को गुदा के अंदर गहराई तक गिरा दिया, उसका गुदा सेक्स बहुत आक्रामक था। पूनम ने उससे कभी इसकी उम्मीद नहीं की थी, धीरे-धीरे उसने अपना लिंग बाहर निकाला, पूनम लगभग मेज पर गिर गई, वह बहुत कमजोर महसूस कर रही थी। उसका शरीर अभी भी कांप रहा था। गुदा और नितंब में दर्द हो रहा था। वह विजेश के शरीर से चिपक गई, वे बिस्तर पर आ गए, विजेश ने उसे चूमा और कहा।
“ माफ करना प्रिय। मुझे लगता है कि आप सहज महसूस नहीं कर रहे थे।”
पूनम मुस्कुराई और कहा “मुझे तुम्हारा लिंग अपने अंदर पसंद है। मैं अपनी योनि के साथ ऐसी सेक्स शैली चाहती हूं, मैं चाहती हूं कि यह मेरी योनि को फाड़ दे। मैं अपनी योनि में दर्द महसूस करना चाहती हूं, मेरे ऊपर आओ।”
फोरप्ले फिर से शुरू हुआ और विजेश ने उसकी चूत को वैसे ही चोदा जैसे वो चाहती थी।उसके बाद वे बहुत कमजोर और थके हुए महसूस कर रहे थे। तब विजेश ने कहा।
“प्रिय हमें कुछ समय के लिए आराम की ज़रूरत है। चलो कॉफ़ी पीते हैं, मैंने तुम्हारे लिए तैयार किया है।”
पूनम ने देखा कि शुक्राणु उसकी गुदा और चूत से बह आ रहे थे। “देखो तुम्हारे अंडे बाहर निकल रहे हैं।” पूनम ने मुस्कुराते हुए कहा।
“मेरा लिंग अंडों से भरा हुआ था, इसने तुम्हारे अंदर सामान्य से बहुत अधिक फेंके l” विजेश ने टिशू से उसकी चूत और गुदा साफ़ करते हुए कहा।
उन्होंने कॉफी पी ,वे बहुत थके हुए महसूस कर रहे थे।तब पूनम ने कहा “प्रिय मुझे लगता है कि हम अगले सप्ताह जारी रखेंगे, मेरी गुदा और योनि को आराम की ज़रूरत है।”
विजेश मुस्कुराया और कहा। “हाँ, मेरे लिंग को भी आराम की आवश्यकता है, आपकी योनि और गुदा ने इसे पूरी तरह से निचोड़ लिया।”
वे हँसे। फिर पूनम घर की ओर चलने लगी।