पीले फूलों वाली लड़की – भाग 3

पीले फूलों वाली लड़की के साथ बलात्कार- भाग 3

पीले फूलों वाली लड़की के साथ बलात्कार- भाग 3

शुक्रवार का दिन था l अटल कैफ़े मे बैठा कॉफ़ी पी रहा था l कैफ़े के सामने  फूलो की दुकान थी,  बहां बहुत सुन्दर फूल थे l  वह गोर से फूलो को देख रहा था l दो महीने पहले ज़ब वह बहां आया था तो बहां ऐक औरत  बच्चों के कपड़े बेचती थी अब  वहाँ फूलो की दुकान थी l कुछ देर बाद उसने विक्रेता को देखा, वह  देख कर बह दंग रह गया, बो मीना थी l कभी वह उसको चोदने के रात दिन सपने देखता था,फिर वह स्कूल छोड़ कर चली गई l उसके मोटे मम्मे,गोल चूतड़, पतली कमर को वह कभी भूल नहीं सका l दो वर्ष के बाद आज बह फिर उसके सामने थी l

अटल स्कूल के ऑफिस मे काम करता था l  बह पैंतीस वर्ष का  खतरनाक व्यक्ति था l उच्च माध्यमिक कक्षा की लड़कियाँ पर उसकी हमेशा नज़र रहती थी, कुछ को तो बह चोद भी चूका था l  कुछ को उनकी  चाहत से जा कुछ को जबरदस्ती l मीना भी उसी स्कूल की छात्रा थी, अटल  उसे मोटे मम्मो वाली कहता था l मीना को उसके बारे में पता नहीं था,उसने कभी उससे बात नहीं की थी l

मीना को स्कूल ऑफिस में ज्यादा काम नहीं होता था, महीने में एक बार वह फीस जमा कराने जाती थी, वहाँ बहुत सारे कर्मचारी होते थे, उसे उनकी पहचान नहीं थी l

मीना, बास्केट बॉल  की खिलाड़ी थी। एक बार  अटल उसका मैच देख रहा था l स्कूल टीम में वह अकेली लड़की थी जिसके मम्मे गेंद से भी ज्यादा उछल रहे थे। वह केवल उसे ही देख रहा था l उस मैच के बाद वह उसे नहीं भूला, वह हमेशा उसके मम्मो के साथ खेलना और उसे चोदना चाहता था,लेकिन वह उसे चोद नहीं सका क्योंकि उसका उससे कभी कोई लेना-देना नहीं था l

मीना ने दो साल पहले स्कूल छोड़ दिया था l वह अब अठारह साल की थी और कॉलेज में पढ़ रही थी l  गर्मियों की छुट्टियों के कारण कॉलेज बंद हो गया था,वह फूलों की दुकान में काम करने लगी थी l दुकान बड़ी नहीं थी,वह अकेली ही काम कर रही थी l

अटल कॉफ़ी पी रहा था और उसे गौर से देख रहा था, उसके शरीर में दो साल में कोई बदलाव नहीं आया था,वही मोटे मोटे मम्मे ,गोल ऊबरे चूतड़ l कई युवा लड़के खड़े होते,उसके फूलों को देखते और उससे बात करते थे लेकिन फिर कुछ नहीं खरीदते थे , वे सिर्फ उसे देखना चाहते थे l अटल जानता था कि अगर उसको उसकी वर्जिन योनि  चाहिए  तो उसे जल्दी से कुछ करना होगा l

वह  उसकी दुकान के चारों ओर देखने लगा , वह कुछ ऐसा खोजना चाहता था जो उसकी चुदाई की योजना में मदद कर सके l  उसने देखा कि दुकान आठ बजे बंद होती थी, वे घर पर भी फूल पहुँचाते थे l  उसने सोचा  कि यह मददगार हो सकता था l 

उसने उसके पीछे-पीछे उसके घर तक जाने का फैसला किया। आठ बजे मीना ने दुकान बंद कर दी l  वह हाथ में सुंदर फूलों का पैकेज लेकर चल पड़ी,शायद वह किसी  के घर में फूल पहुंचाना चाहती थी l उसने ऑटो रिक्शा लिया l  अटल ने अपनी कार में उसका पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ किलोमीटर चलने के बाद उसका ऑटो एक घर के पास रुका, एक महिला वहां इंतजार कर रही थी, उसने उसे फूल दिए और घर की ओर  जाने लगी l  अटल उसके पीछे कुछ और किलोमीटर चला, तभी उसे एक बड़ी निर्माणाधीन इमारत दिखाई दी,वहां कोई भी काम नहीं कर रहा था, वह बहुत शांत जगह थी l  उसने अपनी कार उस इमारत की ओर मोड़ दी l  वह इमारत के पास रुका और अंदर चला गया l  कुछ कमरे पूरे हो गये थे लेकिन किसी भी कमरे में कोई दरवाजा नहीं था,ऐसा लग रहा था, कई महीनों से वहां कोई काम नहीं कर रहा था l उसने सोचा, यह मददगार हो सकती थी l 

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