पीले फूलों वाली लड़की -भाग 2

पीले फूलों वाली लड़की के साथ बलात्कार- भाग 2

पीले फूलों वाली लड़की के साथ बलात्कार- भाग 2

अटल अपने घर वापस आ गया और सोचने लगा,वह बिल्डिंग उसे चोदने के लिए अच्छी जगह थी लेकिन वे वहां ज्यादा देर तक नहीं रह सकते थे, वह सुरक्षित नहीं था, कुछ घर इतनी दूर नहीं थे l  वह लंबे समय तक उसके शरीर का आनंद लेना चाहता था, उसे कुछ बेहतर योजना की जरूरत थी l 

अपनी  योजना अनुसार अगली सुबह, वह एक सफाई कर्मचारी की पोशाक में उसकी फूलों की दुकान पर पहुंचा l  दुकान अभी भी बंद थी, उसने उसकी दुकान के ताले के पास एक बंद लिफाफा रख दिया। वह अपनी कार में वापस आया,अपनी पोशाक बदली, फिर वापस जाकर कैफे में बैठ गया और बेसब्री से मीना का इंतजार करने लगा l 

नौ बजे मीना आई और दरवाजा  खोलकर लिफाफा दुकान अंदर ले गई l  उसने लिफाफा खोला, पैसे और एक पत्र था, वह पढ़ने लगी l 

“सुप्रभात मीना, मैं आपका स्थायी ग्राहक हूं, मैं अक्सर आपसे फूल खरीदता हूं। आज मेरी पत्नी का पचासवां जन्मदिन है, अगर आप उसे पांच बड़े पीले गुलाब के फूल देने आए तो मुझे बहुत खुशी होगी l पता कुछ अजीब है l  मैं उसे कुछ अजीब जगह पर उपहार देना चाहता था जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी । मैंने अंदर कुछ पैसे डाल दिए हैं, अगर यह पर्याप्त नहीं तो मैं आपको शाम को और पैसे दूंगा, हम आठ बजे आपका इंतजार करेंगे। धन्यवाद मीना!”

अटल ने देखा वह मुस्कुरा रही थी और आश्वस्त थी, ऐसा लग रहा था कि वह फूल देकर खुश थी l   फिर वह कुछ बड़े पीले गुलाब चुनने लगी,उसने कुछ पीले फूल अलग रख दिये l 

अटल  उस निर्माणाधीन बिल्डिंग में आठ बजे से पहले पहुंच गया और उसका इंतजार करने लगा l  वह थोड़ा उत्तेजित था लेकिन बहुत शांत था l  यह उसका पहला बलात्कार नहीं था, वह पहले भी कुछ लड़कियों के साथ बलात्कार कर चुका था, लेकिन इस बार लड़की असाधारण थी l  मीना एक खूबसूरत सेक्सी लड़की थी l 

करीब आठ बजे एक ऑटो बिल्डिंग के पास रुका, मीना ऑटो से बाहर निकली l  कोई भी ऑटो वाला बिल्डिंग के पास नहीं जाना चाहता था, रास्ता बहुत खराब था और थोड़ा अंधेरा भी था , लेकिन यह बस कुछ ही मिनटों की पैदल दूरी पर थी l  मीना चलने लगी और ऑटो चला गया l  उसके पास बड़े-बड़े पीले फूल थे, वह इधर-उधर देखने लगी, तभी उसे पीछे के एक कमरे में धीमी रोशनी दिखाई दी। वह समझ गई कि वे वहाँ है l 

वह इमारत में दाखिल हुई और धीरे-धीरे रोशनी की ओर बढ़ने लगी l  जब वह दरवाजे के पास पहुंची, तो अटल ने छलांग लगाई और उसे पीछे से पकड़ लिया, वह फर्श पर गिर गई, इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती,उसने उसके मुंह में कपड़े का टुकड़ा ठूंस दिया l 

वह पेट के बल गिरी l  अटल उसके चूतड़ों पर बैठ गया और उसकी पीठ पर उसकी बाँहें रस्सी से बाँध दीं l उसने  फिर से उसके मुँह में कपड़े का टुकड़ा जोर से ठूंसा,यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह चिल्ला न सके l वह आजाद होने के लिए फड़फड़ा रही थी। लेकिन अटल ने उसकी बाजू कसकर बंद दिए थे । फिर उसने उसके टांगों  को भी रसि से बाद दिया और आंखों को कपड़े से ढक दिया l

 उसने उसे एक बड़े यात्रा बैग में डाल और बैग अपनी कार में पीछे रख लिया l उसने  उसका हैंड बैग और पीले फूल उठाए और कार मे रखें l वह वहाँ कमरे में कुछ भी नहीं छोड़ना चाहता था l 

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