पति का बदला हुआ प्यार-भाग 22
पूनम ने जैसे ही बेडरूम का दरवाज़ा खोला, उसकी नज़र कमरे के कोने में रखे गुलाबी गुलाब के ताज़ा गुलदस्ते पर पड़ी। वह एक पल के लिए ठिठक गई। उसके चेहरे पर हैरानी थी, लेकिन दिल में एक हल्की सी मुस्कान भी। वह जानती थी कि यह गुलदस्ता किसी और ने नहीं, उसके पति रिंकू ने ही रखा होगा। उनके घर में कोई आता-जाता नहीं था, और रिंकू फूलों से ज़्यादा लगाव नहीं रखता था। फिर भी आज कुछ अलग था।
गुलाबों की खुशबू पूरे कमरे में फैल रही थी। पूनम ने धीरे-धीरे कदम आगे बढ़ाए और बिस्तर की ओर देखा। वहां एक सुंदर सा पैकेट रखा था, जैसे किसी ने बहुत प्यार से उसे सजाया हो। उसने बिना देर किए पैकेट खोला। अंदर खूबसूरत ब्रा, पैंटी और एक सिल्क की स्लिप नाइट ड्रेस थी। पूनम की आंखें चमक उठीं। यह सब देखकर वह थोड़ी हैरान थी, थोड़ी भावुक भी।
उसने चारों ओर देखा, लेकिन रिंकू कहीं नज़र नहीं आया। वह जानती थी कि पिछले कुछ हफ्तों से रिंकू का व्यवहार बदल गया था। वह पहले की तरह चिड़चिड़ा नहीं था, बल्कि अब उसकी बातें ध्यान से सुनता था, उसकी पसंद-नापसंद समझने की कोशिश करता था। पूनम को यह बदलाव अच्छा लग रहा था, लेकिन वह समझ नहीं पा रही थी कि अचानक ऐसा क्या हुआ।
वह सोच ही रही थी कि उसकी नज़र बाथरूम के दरवाज़े पर गई। वहां एक छोटा सा कार्ड चिपका था, जिस पर लिखा था – “हैप्पी बर्थडे पूनम!” उसकी मुस्कान और गहरी हो गई। उसे याद आया कि पिछले दो सालों से रिंकू ने उसके जन्मदिन पर कोई खास तोहफा नहीं दिया था। कभी काम का बहाना, कभी पैसे की कमी – हर बार कोई न कोई वजह होती थी। लेकिन इस बार कुछ अलग था।
पूनम ने धीरे से शॉवर का दरवाज़ा खोला। अंदर रिंकू खड़ा था, हाथ में एक छोटा सा केक लिए हुए। केक पर लिखा था – “आई लव यू पूनम”। रिंकू की आंखों में चमक थी, और चेहरे पर सच्चा प्यार। पूनम की आंखें भर आईं। वह कुछ बोल नहीं पाई, बस रिंकू को गले लगा लिया।
रिंकू ने धीरे से कहा, “मुझे माफ़ कर दो पूनम। मैंने तुम्हें वो प्यार नहीं दिया जो तुम डिज़र्व करती हो। लेकिन अब मैं बदलना चाहता हूं। तुम्हारे लिए, हमारे लिए।”
पूनम ने उसकी बातों को सुना और महसूस किया कि यह सिर्फ शब्द नहीं थे, यह एक सच्चे इंसान का बदलता हुआ दिल था। वह जानती थी कि रिंकू ने अपने अंदर बहुत कुछ बदला है – अपने व्यवहार, अपनी सोच, और सबसे ज़रूरी – अपने प्यार को जताने का तरीका।
उस दिन पूनम ने सिर्फ एक तोहफा नहीं पाया, उसने पाया एक नया रिश्ता – वही पुराना पति, लेकिन नए जज़्बातों के साथ। उसने महसूस किया कि प्यार सिर्फ बड़े-बड़े वादों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे पलों से बनता है। एक गुलाब, एक नाइट ड्रेस, एक छोटा सा केक – इन सबने मिलकर पूनम को वो खुशी दी जो वह सालों से तरस रही थी।
शाम को दोनों ने साथ बैठकर केक काटा। रिंकू ने पूनम के लिए उसकी पसंदीदा चाय बनाई। उन्होंने पुराने एल्बम निकाले और उन तस्वीरों को देखा जो कभी धूल में छुपी थीं। पूनम ने महसूस किया कि आज उसका घर फिर से एक आशियाना बन गया है – जहां प्यार है, समझ है, और सबसे ज़रूरी – एक साथ जीने की चाह है।
रात को पूनम ने वही नाइट ड्रेस पहनी जो रिंकू ने दी थी। वह आईने के सामने खड़ी होकर खुद को देख रही थी। उसे लगा जैसे वह फिर से जवान हो गई है, फिर से सुंदर लग रही है। रिंकू ने पीछे से आकर उसे गले लगाया और कहा, “तुम हमेशा से मेरी सबसे खूबसूरत पूनम हो।”
उस रात पूनम ने अपने दिल में एक नई शुरुआत की। वह जानती थी कि ज़िंदगी में सब कुछ परफेक्ट नहीं होता, लेकिन अगर साथ में प्यार हो, तो हर दिन खास बन सकता है।