एक अधूरी चाहत की रात — पूनम और विजेश का निजी मिलन

पूनम और विजेश का निजी मिलन-भाग 7

काम के बाद पूनम ने अपने बालों को हल्के से सवांरा, होंठों पर हल्की लिपस्टिक लगाई और अपने मन को शांत करने की कोशिश की। विजेश का आमंत्रण उसे भीतर से हिला गया था। हालांकि यह उसका पहला सेक्स अनुभव नहीं था, लेकिन विजेश की इच्छाएं उसे उसके साथ सेक्स के लिए पागल कर रही थीं। वह एक अनुभवी व्यक्ति था, उसे विश्वास था कि यह उसके लिए एक बेहतरीन शाम होगी। जैसे ही वह आराम कक्ष से बाहर आई, उसने देखा कि विजेश दरवाजे के बाहर उसका इंतजार कर रहा था। उसने अपना बैग लिया और लाइब्रेरी से बाहर निकल गई। कुछ ही मिनटों में वे विजेश के घर पहुँच गए। उसने दरवाजा खोला और उसका स्वागत किया।

“आपका स्वागत है, पूनम जी,” विजेश ने मुस्कुराते हुए कहा।

“यहाँ आकर अच्छा लग रहा है,” पूनम ने जवाब दिया।

वे दोनों ड्राइंग रूम में बैठ गए। कुछ देर तक चाय और हल्की बातचीत होती रही।

“पूनम जी, मैंने आपको अपनी इच्छाओं के बारे में बताया। आप भी अपनी इच्छाओं के बारे में कुछ बताइए।”

एक अधूरी चाहत की रात - निजी मिलन

पूनम मुस्कुराई और बोली, “मैं आपको सही समय पर बताऊंगी। मैं पहले आपका सुंदर घर देखना चाहती हूं।”

“ज़रूर, चलो मेरे पढ़ने के कमरे से शुरू करते हैं।” धीरे-धीरे वे घर में चलने लगे। जब वे बेडरूम में पहुंचे, तो पूनम का दिल तेजी से धड़कने लगा। उसने चारों ओर देखा और बिस्तर पर बैठ गई। “मुझे इस तरह का किंग साइज़ बिस्तर पसंद है।” फिर वह बिस्तर पर लेट गई। विजेश अभी भी बिस्तर के पास खड़ा था, उनकी आँखें मिलीं। पूनम की आँखें वासना से भरने लगीं। होंठ खुलने लगे। स्तनों का आकार बढ़ने लगा।

स्थिति को समझते हुए विजेश ने कहा, “मैं पूनम जी  बताना भूल गया, मैं अच्छा मालिश करने वाला भी हूं।आप कहे तो मैं कर सकता हूं।”

पूनम मुस्कुराई और बोली,” इधर आओ और करो,” उसने अपना पेट घुमाया और अपना सूट ब्रा तक ऊपर कर लिया l  उसकी गोरी पीठ ,टाइट सलवार में बड़े गोल नितंब विजेश के सामने थे l  विजेश समझ गया कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया । उसने अपनी शर्ट उतार दी और अपना हाथ उसकी गांड और पीठ पर फिराना शुरू कर दिया। पूनम चुपचाप लेटी रही। धीरे से विजेश ने उसकी ब्रा का हुक खोला और  पीठ को  पूरा नग्न किया l वो उसकी पीठ को ऊपर से नीचे तक चूमने लगा।

जैसे ही उसने उसकी सलवार को सरकाना शुरू किया, उसके गोरे नितंब नंगे होने लगे। पूनम की तेज़ साँसें कमरे में फैलने लगीं। जब लगभग पूरे नितंब नंगे हो गए, तो उसने गुदा के पास सलवार को सरकाना बंद कर दिया। उसने उन्हें कुछ देर तक देखा। शायद यह जीवन में देखे गए सेक्सी नितंबों में से एक था। उसने दोनों हिस्सों को चूमा और अपनी उंगली उसके गुदा के चारों ओर घुमाई। पूनम उसकी गतिविधियों का आनंद ले रही थी। उसे योनि में लिंग डालने की कोई जल्दी  नहीं थी।

फिर उसने उसकी सलवार और अंडरवियर को पैरों से निकाल दिया और उसके पैर खोल दिए। पूनम की मुंडा योनि बिस्तर की ओर गिर रही थी। बिना कोई  बात किए , वह  अपनी जीभ उसकी टांगों के बीच ले जाकर योनि और गुदा के मध्य भाग को चाटने  लगा । यह पूनम के लिए कुछ नया था। उसका आनंद असीम था। वह उसकी हरकतों का जवाब मीठी चीखों और तेज़ साँसों से दे रही थी। चूत का गीलापन उसके होठों पर फैल रहा था। कभी जीभ चूत के निचले हिस्से को छूती। तभ पूनम आनंद से ऊंची आवाज में चिल्लाती।

कुछ देर बाद पूनम ने धीरे से कहा, “बिस्तर पर आओ प्रिये।” विजेश ने अपनी पैंट उतार दी और पूनम के साथ बिस्तर पर लेट गया। पूनम ने पीठ के बल लेटकर अपनी ब्रा और सूट उतार दिया। उसने अपना हाथ उसके अंडरवियर में डाला और उसका कठोर लिंग बाहर निकाला, “वाह! यह अद्भुत है । उसका लिंग रोनी के लिंग से लगभग दोगुना था।

वह जानती थी कि यह उसके छोटे मुंह के लिए बहुत बड़ा था, लेकिन वह कोशिश करना चाहती थी। उसने इसकी त्वचा को सिर से खिसकाया। गुलाबी गीला गेंद उसके सामने चमकने लगी। उसने धीरे से इसे अपनी जीभ से छुआ, और फिर लिंग के ऊपरी हिस्से को अपने मुंह में ले लिया। धीरे-धीरे उसने जोर से चाटना शुरू कर दिया। लिंग अधिक से अधिक मजबूत और कठोर होता जा रहा था। विजेश एक अनुभवी व्यक्ति था। उसका अपने शुक्राणुओं पर नियंत्रण था। वह चुपचाप आनंद ले रहा था और उसका हाथ पूनम के कोमल शरीर पर घूम रहा था। उसने पूनम को तब तक का समय दिया जब तक वह स्वयं कुछ और आनंद लेने का निर्णय नहीं ले लेती। जैसे-जैसे वह चाट रही थी, उसकी चूत लिंग के लिए अधिक उत्तेजित होती जा रही थी।

“मैं इसे  अंदर चाहती हूँ। मेरे ऊपर आओ। प्रिय।”पूनम ने कामुक स्वर में कहा l 

वह फिर से बिस्तर पर लेट गई और अपने पैर खोल दिए। विजेश ने उसकी योनि को छुआ। यह हर जगह से गीली थी, लेकिन वह फोरप्ले जारी रखना चाहता था। उसने अपनी गर्म जीभ उसके भगशेफ पर रख दी। पूमन आनंद से चिल्लाई। विजेश ने इसे तेजी से चाटना शुरू कर दिया। वह जानता था कि अगर चाटने से पूनम को चरमसुख मिलता है तो यह बहुत अच्छा होगा। 

वही हुआ। थोड़ी देर बाद पूनम का शरीर कांपने लगा। उसने अपना पेट अंदर की ओर खींचना शुरू कर दिया। विजेश ने पूरे जोश के साथ चाटना जारी रखा। चूत पूरी तरह खुल गई थी। फिर नितंब तेजी से कांपने लगे और पूनम ने आनंद के साथ चिल्लाने लगी । 

“तुम अद्भुत हो, तुम्हारी चाट अद्भुत है प्रिय।” उसे याद नहीं था कि आखिरी बार चाटने से उसे कब चरमसुख मिला था। विजेश ने उसे वो दिया जो वो लंबे समय से चाहती थी।

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